'BJP के गुंडों ने पापा को मार डाला': पश्चिम बंगाल में CJP कार्यकर्ता अब्दुल के पिता ने सरकारी स्कूल के हालात दिखाए थे, 11 अरेस्ट3:37Play video
'BJP के गुंडों ने पापा को मार डाला': पश्चिम बंगाल में CJP कार्यकर्ता अब्दुल के पिता ने सरकारी स्कूल के हालात दिखाए थे, 11 अरेस्ट.
'BJP के गुंडों ने पापा को मार डाला': पश्चिम बंगाल में CJP कार्यकर्ता अब्दुल के पिता ने सरकारी स्कूल के हालात दिखाए थे, 11 अरेस्ट.
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Key points
- आशुतोष रांका ने 18 अगस्त को अब्दुल से मुलाकात की थी।.
- अब्दुल के घर के बाहर 3 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।.
- अब्दुल के घर रुके CJP कार्यकर्ता, आरोपियों के घरों पर ताले.
25 साल के शेख अब्दुल हाफिज पिता को याद कर भावुक हो जाते हैं। आरोप है कि गांव के सरकारी स्कूल की हालत दिखाने पर भड़के BJP कार्यकर्ताओं ने अब्दुल और उनके पिता शेख मोहम्मद मफीक से मारपीट की। गंभीर चोटों के चलते 15 अगस्त को मफीक की मौत हो गई।.
मामले में अब तक 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। अब्दुल कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के सदस्य हैं और पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के करीशुंडा गांव में रहते हैं। आरोपी भी इसी गांव के हैं। घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। ज्यादातर आरोपियों के घरों पर ताले हैं और उनके परिवार गांव छोड़ चुके हैं।.
अब्दुल का परिवार अब किस हालत में है? गांव के जिस सरकारी स्कूल से विवाद शुरू हुआ, उसकी क्या हालत है? और BJP का आरोपों पर क्या कहना है? यही जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड जीरो पर अब्दुल के गांव पहुंची।. सबसे पहले अब्दुल की बात.
घटना के बाद 17 अगस्त को अब्दुल से मिलने CJP लीडर आशुतोष रांका भी गांव पहुंचे थे। अब्दुल का गांव करीशुंदा कोलकाता से लगभग 150 किमी दूर बांकुरा जिले में पड़ता है।.
अब्दुल के घर के बाहर भी 2 पुरुष पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से बिना एंट्री कराए और पुलिस से इजाजत लिए अब्दुल के घर नहीं जाने दिया जाता है। अब्दुल के घर में उनकी मां और 21 साल की बहन हैं, इसके अलावा दिल्ली से पहुंचे 12 CJP कार्यकर्ता भी रुके हुए हैं।.
"मैं शुरुआत से ही CJP के आंदोलन से जुड़ा हूं। मैं दिल्ली के जंतर-मंतर भी गया था। 26 जुलाई तक वहीं था। 27 जुलाई को ट्रेन से घर लौटा। इसके बाद गांव के कुछ लोग मुझसे नाराज रहने लगे।".
"28 जुलाई को पहली बार मेरे साथ मारपीट हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मुझे घेर लिया और धक्का-मुक्की करने लगे। उन्होंने पूछा कि मैं दिल्ली क्यों गया था। इसके बाद वे मेरी स्कूटी तोड़ने लगे और मुझे मारने की धमकी दी।".
"गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद मेरा पुराना फोन छीन लिया गया। उसमें मेरे पास कई जरूरी सबूत थे। मैं पहली मारपीट की शिकायत लेकर इंडस पुलिस स्टेशन भी गया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 13 अगस्त को मेरे परिवार पर हमला करने वाले लोग भी वही थे, जिन्होंने पहले मेरे साथ मारपीट की थी।".
उसी दिन रात 8 बजे बीजेपी के गुंडे घर आ गए। लाइट कट गई और उन्होंने अंधेरे में मुझे थप्पड़, लात और घूंसे मारना शुरू कर दिया। एक आदमी तेज धार वाला सलिया लेकर आया, लेकिन अंधेरे में मैं बच गया। पापा को भी बहुत बुरी तरह पीटा। हमने बचकर पुलिस बुलाई लेकिन वे पुलिस के सामने भी नहीं माने।.
अब्दुल आगे बताते हैं कि पिता को ज्यादा चोटें आईं थीं। अस्पताल में भी आरोपियों ने पिता के साथ मारपीट की। पुलिस के सामने ही मारने की धमकी दी। फिर 14 अगस्त को सुबह 10-11 बजे के बीच तीन गुंडे घर आकर समझौते के लिए दबाब बनाने लगे। वे चाहते थे कि हम फेसबुक पर लाइव आकर माफी मांगें। लेकिन हमने झुकने से मना कर दिया।.
अब्दुल का आरोप है कि घटना के बाद करीशुंदा के सरकारी प्राइमरी स्कूल में पुताई और मरम्मत का काम आनन-फानन में कराया गया। अब्दुल के घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित स्कूल में दीवारों पर नया पेंट और प्लास्टर के निशान दिखे।.
ग्रामीणों और बच्चों ने भी बताया कि काम हाल में हुआ है। हालांकि, शिक्षक आनंद मंडल ने दावा किया कि मरम्मत 8-10 महीने पहले हुई थी। स्कूल में 6 कमरे, 2 टॉयलेट और स्मार्ट क्लास का मॉनिटर है। प्रभारी शिक्षक काशीनाथ डे के मुताबिक, अब्दुल और उसकी बहन इसी स्कूल में पढ़े हैं।.
बांकुड़ा के DM अनिल दास गुप्ता ने कहा कि गांव के सरकारी स्कूल को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं है। स्कूल में करीब 150 बच्चे और 4 शिक्षक हैं। दो टॉयलेट पहले से हैं, जबकि लड़कियों के लिए एक और टॉयलेट का काम चल रहा है। स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम भी बनाए जा रहे हैं।.
अब्दुल के घर पुलिसकर्मियों के अलावा करीब 12 CJP कार्यकर्ता भी रुके हुए हैं। इनमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए खाना लेकर पहुंचे जुनैद भी शामिल हैं।.
शेख मोहम्मद मफीक की मौत के मामले में 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज है। इनमें शेख आजाद, श्रीकांत माझी, रोहित माझी, अष्टम माझी और प्रशांत माझी (रुइदास) शामिल हैं। इसके अलावा, FIR में 8 से 10 अन्य अज्ञात लोगों का भी जिक्र है, जिन पर घर में घुसकर हमला करने का आरोप है।.
अभी तक पुलिस ने 11 लोगों को अरेस्ट किया है। शेख आजाद और पिंटू माझी के घर हम पहुंचे। दोनों के घरों पर ताले लटक रहे थे। पड़ोसियों ने बताया कि इसके परिवार 17 अगस्त के आसपास गांव से चले गए थे।.
करीशुंदा गांव इंडस विधानसभा में आता हैं। 2021 से यहां विधायक बीजेपी के निर्मल धारा ही हैं। वे जब 2025 विधानसभा चुनावों में गांव में आए थे। तो उनके स्वागत और बीजेपी के कार्यक्रम में आरोपी शेख आजाद और प्रशांत माझी शामिल थे। इसके अलावा भी बाकी आरोपी विधायक निर्मल धारा के करीबी ही बताए जाते हैं।.
शरीर में पैलेट गन के छर्रे, आंख से दिखना बंद: साहिल बोले- पुलिस ने FIR नहीं की, पढ़ें इंटरव्यू.
20 जुलाई को दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान पैलेट गन से घायल साहिल लोहचब की आंखों में आज भी दो छर्रे फंसे हैं। दो बार सर्जरी के बावजूद आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद कम है।.
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Taken together, the developments around ' BJP के गुंडों ने पापा को मार डाला' : पश्चिम बंगाल में CJP point to a situation that is still moving, and the coming days should bring more clarity.



