ग्राउंड रिपोर्टलॉरेंस का घर पूछा तो झिझका दुकानदार: बुजुर्ग बोले- 110 किल्ले जमीन, 3-4 कोठियां, लैंडलॉर्ड का बेटा; चंडीगढ़ जाकर गलत संगत में पड़ा1:40Play video
लॉरेंस का घर पूछा तो झिझका दुकानदार: बुजुर्ग बोले- 110 किल्ले जमीन, 3-4 कोठियां, लैंडलॉर्ड का बेटा; चंडीगढ़ जाकर गलत संगत में पड़ा.
लॉरेंस का घर पूछा तो झिझका दुकानदार: बुजुर्ग बोले- 110 किल्ले जमीन, 3-4 कोठियां, लैंडलॉर्ड का बेटा; चंडीगढ़ जाकर गलत संगत में पड़ा.
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- शालू ने बताया कि उन्होंने लॉरेंस को करीब 10-12 साल पहले आखिरी बार देखा था।.
- अबोहर (पंजाब)8 मिनट पहलेलेखक: विवेक शर्मा. कॉपी लिंक.
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ग्रामीणों के मुताबिक, लॉरेंस के परिवार के पास करीब 110 किल्ले जमीन और 3-4 कोठियां हैं। एक ग्रामीण ने कहा, 'उसे फिरौती मांगने की जरूरत नहीं थी।' ग्रामीणों के मुताबिक, आखिरी बार लॉरेंस को 10-12 साल पहले गांव में देखा गया था।.
5वीं तक साथ पढ़े, तब कोई गैंग या ग्रुप नहीं था लॉरेंस के साथ पांचवीं कक्षा तक पढ़े दर्शी राज ने भी उसके बचपन की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उस समय लॉरेंस खेलकूद में रहता था और बच्चों को खेलवाने के लिए अपने घर से पैसे लगाता था। दर्शी राज ने बताया कि वह खुद मध्यम परिवार से हैं।.
परिवार के पास 110 किले जमीन, 3-4 कोठियां बातचीत में लॉरेंस के परिवार की संपत्ति का भी जिक्र आया। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के पास करीब 110 किले जमीन और 3-4 कोठियां हैं। उसके पिता खेती से जुड़े रहे हैं। गांव निवासी कृष्ण कुमार ने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। उन्होंने कहा कि जब परिवार के पास अपनी जमीन-जायदाद है तो लॉरेंस को किसी से रंगदारी मांगने की जरूरत नहीं थी।.
आखिरी बार करीब 10-12 साल पहले देखा गांव निवासी शालू के मुताबिक, उन्होंने लॉरेंस को करीब 10-12 साल पहले आखिरी बार देखा था। शालू ने बताया कि उस समय लॉरेंस क्रिकेट खेलने के लिए ग्राउंड की तरफ जा रहा था। मंदिर के पास मुलाकात हुई तो उन्होंने लॉरेंस से हाथ भी मिलाया था। इसके बाद वह गांव नहीं आया।.
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI इन्वेस्टिगेशन के लिए लॉरेंस को अमेरिका ले जाने की बात कह चुकी है। इसको लेकर लॉरेंस के पारिवारिक सदस्य ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत की। रमेश बिश्नोई ने कहा कि लॉरेंस हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है तो वहां से नेटवर्क कैसे चला रहा, अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश है (पढ़ें पूरी खबर).
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