न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता: हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है1:51Play video

न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता: हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है.

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न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता: हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है1:51Play video

न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता: हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है.

Article outline

  1. What happened
  2. The details
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  6. The bottom line

Key points

  • RSS के शताब्दी वर्ष पर भागवत का 3 देशों का दौरा.
  • लोकगीतों के साथ 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' का समापन हुआ.
  • 'भौतिक सुख गलत नहीं, आध्यात्मिक विकास भी जरूरी'.
  • भागवत बोले- अलग दिखने के बावजूद हम सब जुड़े हैं.
  • भागवत के भाषण की 5 बड़ी बातें.

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में शनिवार रात करीब 42 मिनट स्पीच दी। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। लोग अलग दिखते हैं, उनके रहने के तरीके हैं, लेकिन सभी के बीच एक जन्मजात जुड़ाव है।.

न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' कार्यक्रम में 5, 000 से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए। इसका आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) ने किया। कार्यक्रम में 30 देशों के 180 धार्मिक नेता पहुंचे थे।.

1. धर्म सिर्फ पूजा नहीं, जीवन को संतुलित रखने का नियम: भागवत ने कहा कि भारत में जिस सिद्धांत को धर्म कहा जाता है, उसे सिर्फ धर्म या पूजा के तौर पर नहीं समझना चाहिए। धर्म वह व्यवस्था है जो ब्रह्मांड और जीवन को संभालती है। यह जीवन की अलग-अलग स्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।.

2. सिर्फ भौतिक सुख से जिंदगी में संतुष्टि नहीं मिलती: भागवत ने कहा कि पैसा, सामान और दूसरी भौतिक सुविधाएं हमेशा खुशी नहीं दे सकतीं। भौतिक सुख अस्थायी होता है और बहुत ज्यादा सुविधाएं होने के बावजूद संतुष्टि की कमी रह सकती है।.

3. अमेरिका कर्मभूमि है, उसके प्रति सच्चे रहें: अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से भागवत ने कहा कि आपकी पहली जिम्मेदारी अपनी कर्मभूमि के प्रति है, उसके प्रति वफादार रहना चाहिए।.

4. जीवन में सीधे संन्यास नहीं, हर पड़ाव की अपनी जिम्मेदारी: भागवत ने कहा कि इंसान के जीवन में चार चरण होते हैं- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। पहले सीखना, फिर परिवार और समाज को संभालना और बाद में अपने अनुभव अगली पीढ़ी को देना जरूरी है।.

5. व्यक्ति, समाज और पर्यावरण साथ आगे बढ़ें: भागवत ने कहा कि प्रगति के लिए न व्यक्ति को दबाना चाहिए और न समाज को। व्यक्ति, समाज और पर्यावरण की भलाई साथ-साथ होनी चाहिए।. कार्यक्रम से जुड़ी 4 तस्वीरें.

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS चीफ भागवत के संबोधन से पहले बड़ी संख्या में लोग जुटे।.

न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग देखें. 10: 25 PM29 अगस्त 2026.

लोकगीतों के साथ 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' का समापन हुआ. 09: 31 PM29 अगस्त 2026.

'भौतिक सुख गलत नहीं, आध्यात्मिक विकास भी जरूरी'. 09: 30 PM29 अगस्त 2026.

09: 28 PM29 अगस्त 2026.

उन्होंने कहा कि भारत के लिए योगदान देना जरूरी नहीं है। जन्मभूमि उनसे मुख्य रूप से यह अपेक्षा करती है कि वे भारत से मिले मूल्यों को अपनाएं और उन्हीं के अनुसार अपना जीवन जिएं।. 09: 27 PM29 अगस्त 2026.

भागवत ने धर्म को संतुलन का सिद्धांत बताते हुए कहा कि यही संतुलन सब कुछ एक साथ बनाए रखता है और समाज के अलग-अलग लोग भी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।. 09: 14 PM29 अगस्त 2026.

भागवत बोले- अलग दिखने के बावजूद हम सब जुड़े हैं. 09: 00 PM29 अगस्त 2026.

भागवत ने कहा- एकता और विविधता भारत के DNA में है मोहन भागवत ने कहा कि भारत के लिए एकता और विविधता दोनों उसके DNA का हिस्सा हैं। राष्ट्रों को केवल भौगोलिक इकाइयों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस ब्रह्मांड की व्यवस्था में हर राष्ट्र की एक जिम्मेदारी है। ये राष्ट्र केवल भौगोलिक इकाइयां नहीं हैं। इस ब्रह्मांड की संरचना में राष्ट्रों को एक जिम्मेदारी निभानी है।.

Taken together, the developments around न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता: हम अलग होकर point to a situation that is still moving, and the coming days should bring more clarity.

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