आज का एक्सप्लेनर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा-'क्या आप खुद को लॉर्ड समझते हैं?', कौन हैं IAS तुकाराम मुंढे, उनके एक्शन की इतनी चर्चा क्यों4:10Play video

आज का एक्सप्लेनर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा-'क्या आप खुद को लॉर्ड समझते हैं?', कौन हैं IAS तुकाराम मुंढे, उनके एक्शन की इतनी चर्चा क्यों.

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आज का एक्सप्लेनर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा-'क्या आप खुद को लॉर्ड समझते हैं?', कौन हैं IAS तुकाराम मुंढे, उनके एक्शन की इतनी चर्चा क्यों4:10Play video

आज का एक्सप्लेनर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा-'क्या आप खुद को लॉर्ड समझते हैं?', कौन हैं IAS तुकाराम मुंढे, उनके एक्शन की इतनी चर्चा क्यों.

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  1. What happened
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Key points

  • तुकाराम मुंढे को साल 2015-16 में 'बेस्ट कलेक्टर' का अवॉर्ड मिला था।.
  • 7 घंटे पहलेलेखक: शिवेंद्र गौरव. कॉपी लिंक.
  • केस-1. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के फूड लाइसेंस सस्पेंड.
  • केस-2. दवा कंपनी सिप्ला का सेल्स लाइसेंस रद्द किया.
  • अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने FDA से पूछा है- 'क्या आप खुद को लॉर्ड समझते हैं?'

IAS तुकाराम मुंढे, यानी महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, यानी FDA के कमिश्नर। सिर्फ 3 महीने के टेन्योर में महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट, कैंटीन और फूड प्रोडक्ट्स कंपनियों पर 1100 से ज्यादा छापे, 165 लाइसेंस सस्पेंड किए। शाहरुख खान, अजय देवगन और.

बीते दिनों दो मामलों में बॉम्बे हाईकोर्ट ने तुकाराम की अगुवाई वाले FDA को कड़ी फटकार लगाई और उसके 2 ऑर्डर रद्द कर दिए.

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, MCA के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, BKC में स्थित कैंपस में 5 रेस्टोरेंट या फूड आउटलेट हैं। 20 अगस्त को FDA ने इन आउटलेट्स में छापा मारा और साफ-सफाई, लाइसेंसिंग से जुड़ी खामियों के चलते पांचों आउटलेट्स के FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिए.

कोर्ट ने FDA के रवैये को अड़ियल बताते हुए अवमानना की कार्यवाही करने की चेतावनी दी। कोर्ट ने कहा, 'हम FDA को कितनी बार समझाने की कोशिश करें? मच्छर को तलवार से मत मारो। क्या आप खुद को लॉर्ड समझते हैं कि कुछ भी कर सकते हैं?' कोर्ट विभाग और अफसरों को डांटते-डांटते थक गया है।'.

कोर्ट ने रेस्टोरेंट्स पर सस्पेंशन के ऑर्डर रद्द कर दिया है। हालांकि FDA ने कहा कि वह MCA को लाइसेंसिंग में गड़बड़ी को लेकर नया नोटिस जारी करके सुनवाई करेगी और उसके बाद नया आदेश देगा।.

पुणे की सिप्ला यूनिट के इंस्पेक्शन में FDA को पैकेजिंग, स्टोरेज और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड्स में गड़बड़ी मिली। 26 अगस्त को FDA ने कंपनी को सुनवाई के लिए बुलाया। सिप्ला से कोई अधिकारी नहीं आया, तो FDA ने अगले दिन यूनिट का सेल्स लाइसेंस रद्द कर दिया.

इससे पहले FDA के तेजतर्रार एक्शन पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने सवाल उठाया था कि FDA सिर्फ निजी संस्थानों पर छापेमारी क्यों कर रहा है? कानून का पालन सरकारी परिसरों की कैंटीनों में भी होना चाहिए। इसके बाद FDA ने बॉम्बे हाई कोर्ट के ही कैंपस में तीन कैंटीन पर छापेमारी कर दी और दो कैंटीन के लाइसेंस कैंसिल कर दिए। FDA ने मंत्रालय और IIT बॉम्बे की कैंटीन में भी इंस्पेक्शन किया था।.

तुकाराम मूलतः महाराष्ट्र के बीड जिले के छोटे से गांव ताडसोन्ना के रहने वाले हैं। एक गरीब किसान परिवार में 3 जून 1975 को उनका जन्म हुआ। ये इलाका अक्सर सूखे से ग्रस्त रहता है।.

10वीं के बाद तुकाराम के बड़े भाई अशोक की औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजी नगर) में नौकरी लगी, तो उन्होंने तुकाराम को भी वहीं बुला लिया। यहां तुकाराम ने साइंस से 12वीं और फिर 1996 में यूनिवर्सिटी से बी.ए. में टॉप किया।.

इसके बाद भाई के कहने पर तुकाराम UPSC की किताबें खरीदने और अच्छी कोचिंग ढूंढने दिल्ली पहुंचे। तुकाराम एक इंटरव्यू में बताते हैं, 'मैं किताबें खरीदकर होटल में ठहरा। वहां अटेंडर ने पूछा, 'सर बियर लेंगे?' मैंने कहा- क्या तुम्हें बियर लेने वाला लगता हूं? मैं उसी वक्त अपना सामान उठाकर बिना टिकट वापस औरंगाबाद लौट आया।'.

तुकाराम ने 1997 में UPSC की परीक्षा दी, लेकिन असफल रहे। 1999 में इंटरव्यू तक पहुंचे। इधर एम.ए. में भी सिर्फ 57% नंबर आए थे। ऐसे में UPSC का खयाल छोड़कर तुकाराम ने महाराष्ट्र PSC एग्जाम दिया। इसमें पास होकर सेकंड क्लास अफसर बन गए।.

भाई अशोक इससे खुश नहीं थे। तुकाराम ने 2005 में फिर से UPSC दिया और इस बार ऑल इंडिया रैंक-20 लेकर आए।.

तुकाराम बताते हैं, 'उस साल महाराष्ट्र से 4 लोगों ने IAS पास किया था। अगले दिन अखबार में 3 लोगों की फोटो छपी। मेरे नाम के आगे खाली बॉक्स था। कोई मुझे जानता ही नहीं था।'.

2016 में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी आया। तब मुंबई के एक मेयर सुधाकर सोनवाने ने कहा था, 'इस कमिश्नर के मन में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए बिल्कुल सम्मान नहीं है।'.

21 साल की सेवा में 25 बार मुंढे का ट्रांसफर हो चुका है। यानी औसतन हर 10 महीने में उन्हें नए ठिकाने पर भेज दिया जाता है।.

फूड सेफ्टी के लिए देश में एक तय व्यवस्था है। 2006 में बनी संस्था- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, यानी FSSAI 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट' नियमों के तहत खाने-पीने की चीजों के लिए मानक तय करती है और फूड प्रोडक्ट बिजनेस और कंपनियों को लाइसेंस देती है। राज्यों में भी फूड एडमिनिस्ट्रेशन की संस्थाएं, फूड सेफ्टी कमिश्नर और अन्य अधिकारी होते हैं।.

इसके पीछे दो बड़ी दिक्कतें हैं- CAG की एक ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों में फूड सेफ्टी ऑफिसर्स की कमी है। करीब 10 राज्यों में आधे से ज्यादा पद खाली हैं। सरकारी फूड टेस्टिंग लैब में स्टाफ और जरूरी उपकरणों की कमी है।.

मुंढे के कार्यकाल में FDA 1100 से ज्यादा छापे मार चुका है। 3100 से ज्यादा निरीक्षण हुए हैं। 165 लाइसेंस सस्पेंड किए हैं। 50 करोड़ से ज्यादा का माल जब्त हुआ है।.

25 अगस्त को रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में बताया कि विदेशी कंपनियां भारत में अपने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी गिरा देती हैं। मसलन- लंदन में बिकने वाले फैंटा के एक कैन में 63 कैलोरी होती हैं। भारत में इसी कैन में 3 गुना ज्यादा चीनी और आर्टिफीशियल कलर मिला होता है।.

Taken together, the developments around आज का एक्सप्लेनर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा-' क्या आप खुद को लॉर्ड समझते point to a situation that is still moving, and the coming days should bring more clarity.

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