दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी, UN में आज वोटिंग: यूरोप-रूस-कनाडा का साइज छोटा होगा, अफ्रीका-साउथ अमेरिका को फायदा0:46Play video
दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी, UN में आज वोटिंग: यूरोप-रूस-कनाडा का साइज छोटा होगा, अफ्रीका-साउथ अमेरिका को फायदा.
दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी, UN में आज वोटिंग: यूरोप-रूस-कनाडा का साइज छोटा होगा, अफ्रीका-साउथ अमेरिका को फायदा.
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मर्केटर प्रोजेक्शन में पृथ्वी का नक्शा। (फोटो: NASA).
दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले नक्शों में से एक मर्केटर नक्शा है। इसे यूरोपियन मैप मेकर जेरार्डस मर्केटर ने 1569 में बनाया था।.
ग्रीनलैंड का क्षेत्रफल करीब 22 लाख वर्ग किलोमीटर है। यह लगभग डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बराबर है। वहीं अफ्रीका का क्षेत्रफल करीब 3 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। यानी अफ्रीका ग्रीनलैंड से करीब 14 गुना बड़ा है।.
UN के सामने रखे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि मर्केटर नक्शे में अफ्रीका का वास्तविक आकार काफी छोटा नजर आता है। लंबे समय तक ऐसी तस्वीर देखने से लोगों के मन में अफ्रीका के आकार और वैश्विक महत्व को लेकर गलत धारणा बन सकती है।.
इनमें 'इक्वल अर्थ' नक्शा खास है। इसे 2018 में पेश किया गया था। इसका मकसद दुनिया के देशों और महाद्वीपों का आकार इस तरह दिखाना है कि वह जमीन पर उनके असली क्षेत्रफल के ज्यादा करीब नजर आए।.
करेक्ट द मैप अभियान में इस्तेमाल किया गया इक्वल अर्थ का नक्शा। तस्वीर: equal-earth.com.
यही वजह है कि UN का प्रस्ताव टेक कंपनियों को भी इस बहस में शामिल करना चाहता है। प्रस्ताव में कंपनियों से कहा गया है कि वे ज्यादा सटीक प्रोजेक्शन अपनाने और इसके लिए UN के सदस्य देशों व क्षेत्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करने पर विचार करें।.
For now, दुनिया का नक्शा बदलने की तैयारी, UN में आज वोटिंग: यूरोप-रूस-कनाडा का remains the part of the story worth watching, and further updates are likely as more details are confirmed.



