‘भाई, मर रहा हूं’ मलबे में दबे नीरज का कॉल: दिल्ली बिल्डिंग हादसे में बचे 2 छात्रों की आपबीती, 4 घंटे बाद रेस्क्यू हुआ3:10Play video

'भाई, मर रहा हूं' मलबे में दबे नीरज का कॉल: दिल्ली बिल्डिंग हादसे में बचे 2 छात्रों की आपबीती, 4 घंटे बाद रेस्क्यू हुआ.

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‘भाई, मर रहा हूं’ मलबे में दबे नीरज का कॉल: दिल्ली बिल्डिंग हादसे में बचे 2 छात्रों की आपबीती, 4 घंटे बाद रेस्क्यू हुआ3:10Play video

'भाई, मर रहा हूं' मलबे में दबे नीरज का कॉल: दिल्ली बिल्डिंग हादसे में बचे 2 छात्रों की आपबीती, 4 घंटे बाद रेस्क्यू हुआ.

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  1. What happened
  2. The details
  3. A closer look
  4. The bottom line

19 साल के नितेश की जान लेंटर और मलबे के बीच बने एक छोटे से गैप ने बचाई। उसका चेहरा खाली जगह में आ गया था, इसलिए वह सांस ले पा रहा था और मदद के लिए आवाज भी लगा पा रहा था। दूसरी तरफ कुछ दूरी पर नीरज भी मलबे में फंसा था। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और कई गंभीर चोटें थीं।.

बिल्डिंग गिरने के वक्त नितेश और नीरज के साथ क्या हुआ था और मलबे में फंसने के बाद 3 से 4 घंटे कैसे बीते.दोनों की आपबीती उनके चचेरे भाई रोहित छिब से हुई बातचीत पर आधारित है। रोहित ने दैनिक भास्कर को जैसा बताया, हम उसी आधार पर पूरी घटना बता रहे हैं।.

हॉस्टल गिरने के कुछ मिनट पहले नितेश और नीरज दूसरी मंजिल पर अपने-अपने कमरे में थे। नितेश रविवार को दोपहर 12: 30 बजे खाना खाने के बाद अपने कमरे में आया था। तभी दीवारों की तरफ से पानी जैसी आवाज आने लगी। कुछ देर बाद आवाज तेज होने लगी।.

नितेश ने पास वाले कमरे में रहने वाले नीरज से पूछा कि क्या उसे भी पानी की आवाज सुनाई दे रही है। नीरज ने भी हां में जवाब दिया। इसके महज 2 सेकेंड बाद ही पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई।.

इस बीच नीरज ने अपने करीबी दोस्त वीर चतरथ को फोन लगाया। वीर ने दैनिक भास्कर को बताया कि दोपहर 1: 45 बजे मुझे नीरज का फोन आया। कहा- 'भाई, मैं मर रहा हूं।'.

वीर ने बताया कि हम दोनों के बीच 5-6 बार फोन पर बात हुई। मैंने नीरज से उसकी लाइव लोकेशन भेजने को कहा। हमारी वॉटसऐप कॉल पर करीब 13 सेकेंड बात हुई।.

इसके बाद दोपहर 1: 55 बजे नीरज ने अपनी लाइव लोकेशन भेजी। दोपहर 2: 16 बजे मैंने दोबारा फोन किया, लेकिन इस बार कोई जवाब नहीं मिला।.

इसके बाद मैने और उसके दोस्तों ने नीरज को बचाने के लिए टीम बनाई। हम लोग घटनास्थल पर पर पहुंचे। पुलिस और NDRF की टीम भी रेस्क्यू में जुटी थी। करीब 3-4 घंटे बाद नीरज को मलबे से बाहर निकाला जा सका।.

वीडियो में कमरे की दीवारों पर लंबी और गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। दोनों दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राएं हैं। वीडियो में 20 साल की अर्निका को कहते सुना जा सकता है- 'लगता है गिरने वाली है।'.

हॉस्टलडेज के ठीक पहले बगल की 'कनक लता' हॉस्टल में रहने वाली दो छात्राएं अर्निका और मानसी ने हादसे से कुछ मिनट पहले अपने कमरे की दीवारों और छत पर आई दरारों का वीडियो बनाया था।. हादसे के बाद की 3 तस्वीरें.

छात्र बोले- 10 मिनट पहले निकले, नहीं तो दबे होते: बिल्डिंग से दरकने की आवाजें आ रही थीं.

शुक्र है हम बच गए.यह कहना है, दिल्ली के सत्य निकेतन के हॉस्टल से कुछ देर पहले निकले छात्रों का। इनके मुताबिक, इमारत गिरने से कुछ देर पहले दीवारों से दरकने यानी क्रैक की आवाजें भी आ रही थीं। कुछ छात्रों ने बताया कि वे हादसे से महज 10-20 मिनट पहले ही बिल्डिंग से बाहर निकले थे। लौटे तो सबकुछ बिखर गया था। पूरी खबर पढ़ें.

वीडियोऔर देखें. Our Divisions This website follows the DNPA Code of Ethics. फीडबैक दें. Our Group Site Links.

In short, 'भाई, मर रहा हूं' मलबे में दबे नीरज का कॉल: दिल्ली बिल्डिंग is the central thread here, and readers can expect follow-up reporting as the picture becomes clearer.

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