आज का एक्सप्लेनर: मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान कैसे करोड़ों जुटाएगा; ये मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आखिर छिपा कहां है4:16Play video

आज का एक्सप्लेनर: मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान कैसे करोड़ों जुटाएगा; ये मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आखिर छिपा कहां है.

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आज का एक्सप्लेनर: मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान कैसे करोड़ों जुटाएगा; ये मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आखिर छिपा कहां है4:16Play video

आज का एक्सप्लेनर: मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान कैसे करोड़ों जुटाएगा; ये मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आखिर छिपा कहां है.

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  • 11 घंटे पहलेलेखक: शिवेंद्र गौरव. कॉपी लिंक.
  • इसके बाद FATF देशों की कई तरह की कैटेगरीज बनाती है। इनमें 2 लिस्ट खास हैं.
  • 1. ग्रे लिस्ट- ज्यूरिस्डिक्शन अंडर इनक्रीज्ड मॉनिटरिंग.
  • FIA ने मसूद की एंट्री में उसे स्वस्थ, भारी शरीर और सामान्य कद का बताया है।.
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जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर के सिर पर पाकिस्तान ने 70 लाख रुपए का इनाम रखा है। पाकिस्तान 2021 से दावा करता आ रहा है कि मसूद अफगानिस्तान भाग चुका है, जबकि भारतीय एजेंसियों का मानना है कि वो पाकिस्तान में ही छिपा है।.

सवाल-1: मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने कब और कितना इनाम रखा? जवाब: पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी, FIA ने अपनी सालाना 'रेड बुक' जारी की है। इसमें देश के मोस्ट वॉन्डेट हाई-प्रोफाइल आतंकियों की तस्वीरें, उनका आतंकी संगठन, उन पर चल रहे मुकदमे और इनाम की जानकारी होती है। FIA का काउंटर टेररिज्म विंग इस रेड बुक को तैयार करता है।.

2026 की रेड बुक में कुल 1, 804 'मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों' में मसूद अजहर का नाम 1480वें नंबर पर फरार आतंकी के बतौर दर्ज है। मसूद के इस लिस्ट में शामिल होने की तारीख 31 दिसंबर, 2021 है। तब FIA ने पाकिस्तानी पुलिस और फोर्सेज को मसूद अजहर की जानकारी देने पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए का इनाम रखा था। अब इसे बढ़ाकर 70 लाख रुपए कर दिया गया है।.

भारत ने पाकिस्तान से मसूद सहित 20 आतंकियों को भारत को सौंपने की मांग की थी। मार्च 2024 में भारत ने वॉन्टेड लोगों की एक लिस्ट जारी की थी, इसमें भी मसूद अजहर का नाम टॉप पर है।.

FIA की रेड लिस्ट में 2021 से अब तक मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की संख्या 1, 330 से बढ़कर 1, 804 हो गई है। इसमें 26/11 मुंबई हमलों में फंडिंग करने वाले 6 और आतंकियों के नाम भी शामिल हैं। FIA का कहना है कि 26/11 हमले में शामिल सभी 17 आतंकी पिछले 18 साल से फरार हैं।.

सवाल-2: मसूद अजहर है कौन और भारत में कितनी आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार? जवाब: मसूद अजहर की पैदाइश 10 जुलाई 1968 को पाकिस्तान के बहावलपुर की है। मसूद के पिता अल्लाह बख्स सबीर स्कूल प्रिंसिपल थे और मुर्गा फार्म भी चलाते थे।.

29 जनवरी, 1994 को मसूद ढाका से दिल्ली की फ्लाइट लेकर पहली बार भारत आया और फर्जी नाम से श्रीनगर में रहने लगा। मसूद का काम था- जम्मू-कश्मीर में एक्टिव तब के दो आतंकी गुटों- हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी और हरकत-उल-मुजाहिदीन के बीच तनाव कम करना। हालांकि इसी साल मसूद पकड़ा गया और उसे जेल भेज दिया गया।.

24 दिसंबर 1999 को मसूद और कुछ अन्य आतंकियों को छुड़ाने के लिए हरकत-उल-मुजाहिदीन के 5 आतंकी काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को हाइजैक करके अफगानिस्तान के कंधार ले गए। 7 दिन बाद 31 दिसंबर को भारत सरकार ने यात्रियों की सुरक्षित वापसी के बदले मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक जरगर को जेल से रिहा कर दिया।.

इसके बाद मसूद ने फरवरी 2000 में कराची में जैश-ए-मोहम्मद की नींव रखी। तबसे जैश भारत में 6 बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है.

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद भारत ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर हमले किए। इनमें बहावलपुर में जैश का हेडक्वार्टर 'मरकज सुभानअल्लाह' भी शामिल था।.

हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके 4 करीबी साथी मारे गए थे। मरने वालों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की एक भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल थे।.

सितंबर 2025 में जैश कमांडर इलियास कश्मीरी ने भी इस नुकसान की बात कबूली। हमले के वक्त मसूद मौके पर नहीं था, इसलिए उसकी जान बच गई थी। मसूद ने बाद में कहा था- 'मैं भी मर जाता, तो खुशनसीब होता।'.

सवाल-3: पाकिस्तान को अभी मसूद पर इनाम बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: जानकार इसे अक्टूबर में पेरिस में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स, यानी FATF की मीटिंग से जोड़ रहे हैं। FATF एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो निगरानी करती है कि दुनिया भर के देश मनी लॉन्ड्रिंग, टेररिस्ट फंडिंग और परमाणु हथियारों की फंडिंग रोकने के लिए कैसा काम कर रहे हैं।.

हर साल फरवरी, जून और अक्टूबर में FATF की मीटिंग्स होती हैं। इनमें देशों से उनकी फंडिंग को लेकर कई सवाल पूछे जाते हैं।.

2. ब्लैक लिस्ट- हाई-रिस्क ज्यूरिस्डिक्शन सबजेक्ट टू ए कॉल फॉर एक्शन.

पाकिस्तान 2018 से 2022 तक FATF की 'ग्रे लिस्ट' में रह चुका है। अक्टूबर 2022 में FATF ने रिव्यू के बाद इसे ग्रे लिस्ट से हटा दिया था।.

कानूनी और बिजनेस एनालिसिस के इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म Mondaq की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट से हटने के बावजूद उस पर FATF की निगरानी जारी है, क्योंकि वह FATF के मनी लॉन्ड्रिंग रोकने से जुड़े मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका है।.

रिटायर्ड ब्रिगेडियर हेमंत महाजन कहते हैं, 'पाकिस्तान FATF की जांच से बचने के लिए मसूद को मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी बताने और उस पर इनाम बढ़ाने का दिखावा कर रहा है। FATF की बैठक में पाकिस्तान से सवाल किए जाएंगे कि उसने अपनी जमीन से होने वाले टेररिज्म को रोकने के लिए पर क्या कदम उठाए हैं। टेरर फंडिंग को रोकने के लिए क्या दिया है। वो दुनिया, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की नजर में खुद को 'अच्छा' दिखाना चाहता है।'.

सवाल-4: मसूद अजहर अफगानिस्तान में है या पाकिस्तान में ही छिपा बैठा है? जवाब: मार्च 2019 में पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मसूद पाकिस्तान में है। कुरैशी ने कहा था, 'वे पाकिस्तान में ही हैं। वे इतने बीमार हैं कि अपने घर से बाहर भी नहीं निकल सकते।'.

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मसूद अजहर पाकिस्तान में नहीं है। पाकिस्तान कहता आया है कि मसूद 2021 से अफगानिस्तान में है। हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस दावे को खारिज करती है।.

भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मसूद अजहर अक्सर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में एक ठिकाने पर मौजूद रहता है। उसका एक और ठिकाना PoK के स्कर्दू में भी है। जुलाई 2026 में मसूद को यहीं देखे जाने की खबरें आई थीं।.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते कुछ महीनों से PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हुए हैं। ऐसे में मसूद को स्कर्दू से हटाकर नवाबशाह और रावलपिंडी भी शिफ्ट किया जाता है।.

पाकिस्तान के बहावलपुर में मौलाना मसूद अजहर के घर के बाहर पहरा देता पुलिसकर्मी। तस्वीर 17 दिसंबर 2002 की है।.

सवाल-5: मसूद अजहर पर कोई इंटरनेशनल एक्शन नहीं हो सकता? जवाब: भारत ने सबसे पहले 2009 में मसूद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद्, UNSC के 'ग्लोबल टेररिस्ट' की लिस्ट में शामिल करवाने की कोशिश की। फिर 2016, और 2017 में भी ये प्रस्ताव लाए गए, लेकिन UNSC के स्थायी सदस्य होने के चलते चीन ने हर बार वीटो लाकर इसे रद्द कर दिया।.

2019 में जब चीन ने अपनी आपत्ति वापस ले ली, तो UNSC ने मसूद को 'वैश्विक आतंकी' घोषित किया। मसूद के गिरफ्तार होने के बाद ही पाकिस्तान पर उसे सजा देने का दबाव बन सकता है।.

हालांकि मसूद पर पाकिस्तान में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पठानकोट हमले के बाद मसूद को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, लेकिन FIR तक दर्ज नहीं की गई।.

आज का एक्सप्लेनर: आतंकी मसूद अजहर की बीवी, बहन समेत क्या पूरा कुनबा खत्म; ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने कैसे 25 सालों का बदला लिया.

'मेरे खानदान के 10 लोगों और 4 करीबियों को आज रात एक साथ शहादत नसीब हुई। मोदी ने मासूम बच्चों, पर्दानशीं औरतों और बुजुर्गों को निशाना बनाया। न मायूसी, न खौफ है, न कोई हिचक, बल्कि बार-बार दिल में आता है कि मैं भी इन 14 के खुशनसीब काफिले में शामिल होता।' 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का ये बयान आया। पूरी खबर पढ़ें.

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Taken together, the developments around आज का एक्सप्लेनर: मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान point to a situation that is still moving, and the coming days should bring more clarity.

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