आज का एक्सप्लेनर: 'छात्रों की गूंज' के जरिए राहुल का चुनावी गणित क्या है, क्या ये काम करेगा; BJP कैसे काउंटर कर रही4:01Play video
11 घंटे पहलेलेखक: शिवेंद्र गौरव, अभिषेक गर्ग. कॉपी लिंक.
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Key points
- 4. कांग्रेस जहां नंबर-2 उन प्रदेशों में मेहनत.
- 1. बीजेपी के युवा कोर वोटर पर टारगेट.
- 3. मोदी के मुकाबले 'यूथ लीडर' बनने की कोशिश.
- 1. युवा को साधने के लिए बीजेपी-संघ एक्टिव.
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17 जून 2026, राजस्थान में कोटा के दशहरा मैदान से लेकर 19 सितंबर मध्य प्रदेश के इंदौर में IDA मैदान तक, राहुल गांधी ने 3 महीने में 5 यूथ इवेंट किए। इनका नाम है- 'छात्रों की गूंज।.
स्टूडेंट्स के बीच प्रोग्राम और उनके मुद्दे उठाकर राहुल 4 काम कर रहे हैं.
1. बीजेपी के युवा कोर वोटर पर टारगेट. 2. एकजुट हुए Gen-जी पर फोकस.
पीएम मोदी और राहुल गांधी की उम्र में सिर्फ 20 साल का फर्क है। इसी 17 सितंबर को मोदी 76 साल के हुए हैं, जबकि 19 जून को राहुल 56 के।.
हालांकि राहुल गांधी, राजनीति के शुरुआती दौर में कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI और यूथ कांग्रेस के महासचिव रहे हैं। वे आज भी अपने हाव-भाव, ड्रेसिंग स्टाइल से लेकर कई यूथ-सेंट्रिक एक्टिविटीज के जरिए खुद को युवाओं के रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर पेश करने की कोशिश करते हैं.
इलेक्शन एनालिस्ट और VoteVibe के फाउंडर अमिताभ तिवारी बताते हैं, 'नरेंद्र मोदी 2013 में अपनी राष्ट्रीय राजनीति की शुरुआत से ही युवाओं के बीच रहने की कोशिश करते हैं। राहुल की अप्रोच भी नई नहीं हैं। हालांकि अब उनकी सक्रियता बढ़ी है, क्योंकि वे पैन इंडिया एक यूथ लीडर का खाली स्पेस भरना चाहते हैं। वो इसके चुनावी फायदे समझते हैं।'.
वडोदरा की MS यूनिवर्सिटी में पीएम मोदी रैंप पर चलकर स्टेज तक गए। तब वहां मौजूद युवा अपने फोन से फोटो-वीडियो लेते रहे।.
19 सितंबर को आए दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन, DUSU के नतीजों को कांग्रेस और बीजेपी की युवाओं में पैठ के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जा रहा है.
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In short, आज का एक्सप्लेनर: ' छात्रों की गूंज' के जरिए राहुल का चुनावी गणित is the central thread here, and readers can expect follow-up reporting as the picture becomes clearer.




