सबसे ताकतवर रॉकेट 'स्टारशिप' का 14वां टेस्ट कामयाब: पहली बार ऑर्बिट में पहुंचा, 26 सैटेलाइट लॉन्च किए; 10 घंटे के बजाय 3 घंटे में पृथ्वी पर लौटा0:54Play video
Tue, Sep 29, 2026Updated 05: 57 AM IST.
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Key points
- 7 तस्वीरों में देखें स्टारशिप का 14वां टेस्ट.
- स्टारशिप को भारतीय समय के अनुसार शाम करीब 6: 20 पर लॉन्च किया गया।.
- पहली बार स्पेस में छोड़े गए 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट्स.
- अब स्टारशिप के पहले हुए 13 टेस्ट के बारे में जानें.
- 12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग.
सबसे ताकतवर रॉकेट 'स्टारशिप' का 14वां टेस्ट कामयाब: पहली बार ऑर्बिट में पहुंचा, 26 सैटेलाइट लॉन्च किए; 10 घंटे के बजाय 3 घंटे में पृथ्वी पर लौटा. 8 घंटे पहले. कॉपी लिंक.
इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का सबसे ताकतवर रॉकेट 'स्टारशिप' आज 28 सितंबर को पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा। 26 सैटेलाइट भी ऑर्बिट में लॉन्च किए गए।.
शुरुआती योजना के तहत स्टारशिप को करीब 10 घंटे तक पृथ्वी के चक्कर लगाना था, लेकिन मिशन के दौरान किए गए रिव्यू के बाद कंट्रोलर्स ने इसे जल्दी खत्म करने का फैसला किया।.
इसके तहत उड़ान भरने के लगभग 2 घंटे 12 मिनट बाद रॉकेट का डीऑर्बिट बर्न पूरा किया, और मिशन शुरू होने के तीसरे घंटे के आसपास इसे प्रशांत महासागर में उतारा गया।.
भारतीय समयानुसार शाम 6: 16 बजे इस रॉकेट को लॉन्च किया गया था। ये स्टारशिप का 14वां टेस्ट है। इससे पहले की सभी उड़ानों में रॉकेट को सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी तक ही सीमित रखा गया था ताकि सुरक्षा बनी रहे और ज्यादा से ज्यादा डेटा जुटाया जा सके।.
स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली 'स्टारशिप' कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है।.
स्टारशिप के लॉन्च के 2 मिनट 30 सेकेंड बाद सुपर हेवी बूस्टर अलग हुआ।.
स्टारशिप ने अपने सभी 26 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में तैनात किया।.
पृथ्वी के वायुमंडल में लौटता 'स्टारशिप। 2, 500°F तक के भीषण तापमान और प्लाज्मा के बीच यह यान अपनी 20, 000 हीट-शील्ड टाइल्स के सहारे वापसी करता हुआ।.
इस नए मॉडल का सिर्फ एक सैटेलाइट ही नेटवर्क में 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की डेटा क्षमता जोड़ देगा, यानी इस अकेले मिशन से कुल 26 Tbps की क्षमता जुड़ जाएगी, जो कि फॉल्कन 9 रॉकेट से भेजे जाने वाले छोटे सैटेलाइट्स के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा है।.
स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान भारतीय समय के अनुसार 25 जुलाई 2026 को हुई थी। इसमें अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। यह पहली बार था जब स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा।.
'स्टारशिप' का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित 'स्टारबेस' लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई।.
इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया।.
स्टारशिप सीरीज के पहले भी कई लॉन्च हो चुके हैं, लेकिन इस तीसरी पीढ़ी (V3) के अपग्रेड रॉकेट का पहला ही टेस्ट था।.
11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े.
स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5: 00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था।.
स्टारशिप को 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को भारतीय समय के अनुसार सुबह 5: 00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था।.
स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5: 00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया।.
ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए।.
29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था.
इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था।.
For now, सबसे ताकतवर रॉकेट ' स्टारशिप' का 14वां टेस्ट कामयाब: पहली बार ऑर्बिट में remains the part of the story worth watching, and further updates are likely as more details are confirmed.



