अपनी सिम दूसरे को दी तो ₹50 लाख जुर्माना: 3 साल की जेल भी, जानिए अपने नाम पर एक्टिव सिम कैसे चेक करें0:57Play video
अपनी सिम दूसरे को दी तो ₹50 लाख जुर्माना: 3 साल की जेल भी, जानिए अपने नाम पर एक्टिव सिम कैसे चेक करें. नई दिल्ली7 घंटे पहले. कॉपी लिंक.
अपनी सिम दूसरे को दी तो ₹50 लाख जुर्माना: 3 साल की जेल भी, जानिए अपने नाम पर एक्टिव सिम कैसे चेक करें. नई दिल्ली7 घंटे पहले. कॉपी लिंक.
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- 30 नवंबर तक कंपनियों को सिस्टम सुधारने की मोहलत.
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अपने डॉक्यूमेंट्स पर ली गई सिम किसी ओर को देना भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग ने 21 सितंबर को नई एडवायजरी जारी करके कहा है कि फर्जी ID से सिम खरीदने या बेचने पर या मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़ करने पर 3 साल की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।.
दूरसंचार विभाग ने यह कदम छत्तीसगढ़ में हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड के बाद उठाया है। वहां एक सिम बेचने वाले एजेंट ने लोगों के डॉक्युमेंट्स का गलत इस्तेमाल करके उनकी जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर रखे थे।.
मामला खुलते ही DoT ने उस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया और री-वेरिफिकेशन में फेल होने पर सभी 25 फर्जी नंबरों को तुरंत बंद कर दिया।.
एडवाइजरी के मुताबिक, जिस फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़ या बदलाव किया गया हो, उसका इस्तेमाल करना गैर-कानूनी है।.
साथ ही, एप्स या वेबसाइट्स के जरिए किसी और का नंबर दिखाकर कॉल करने (कॉलिंग ID बदलने) वाले टूल्स का इस्तेमाल करना भी अपराध है। सरकार ने इसे देश की सुरक्षा और नेटवर्क के लिए बड़ा खतरा माना है।.
भारत में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रखने का नियम काफी पुराना है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए यह नियम थोड़ा अलग है।.
सुरक्षा कारणों से इन राज्यों में रहने वाले लोग अपने नाम पर अधिकतम 6 सिम कार्ड ही रख सकते हैं।.
नियमों को और सख्त बनाने के लिए सरकार 23 अगस्त से डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर एक नया फीचर जोड़ दिया है।.
दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को इस नए सरकारी प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह जोड़ने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है।.
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