आज का एक्सप्लेनर: दुनिया के नए नक्शे के लिए भारत ने वोट दिया, अब ऐतराज क्यों जता रहा; पाकिस्तान भी कूदा, विवाद के पीछे की कहानी4:23Play video
संयुक्त राष्ट्र ने भारत समेत 164 देशों के समर्थन से दुनिया के नए नक्शे का प्रस्ताव पारित किया। तीन दिन बाद भारत ने इसी नक्शे पर ऐतराज जता दिया। वजह- कश्मीर के कुछ हिस्से को पाकिस्तान और चीन का इलाका…
संयुक्त राष्ट्र ने भारत समेत 164 देशों के समर्थन से दुनिया के नए नक्शे का प्रस्ताव पारित किया। तीन दिन बाद भारत ने इसी नक्शे पर ऐतराज जता दिया। वजह- कश्मीर के कुछ हिस्से को पाकिस्तान और चीन का इलाका दिखाया जाना।.
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- सवाल-4: आखिर भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर विवाद किस बात का है?
सवाल-1: दुनिया को नए नक्शे की जरूरत क्यों पड़ गई? जवाबः पहले ये जान लेते हैं- रूस ज्यादा बड़ा है या अफ्रीका? मौजूदा वर्ल्ड मैप को देखकर ज्यादातर लोग रूस कहेंगे। लेकिन असलियत में अफ्रीका 78% बड़ा है। तो ऐसी गफलत होती क्यों है?
हमारी धरती गोल है। इस पर बने देशों को सपाट कागज पर दिखाने के लिए गोल ग्लोब को खोला गया है। जब किसी गोल चीज को खोलते हैं, तो उसके बीच वाले हिस्से का सरफेस एरिया ज्यादा होता है और ऊपर-नीचे के हिस्सों का कम। इस कमी को पूरा करने के लिए कागज पर बने नक्शे में बीच के, यानी भूमध्य रेखा के पास के इलाकों को छोटा कर दिया जाता है और ऊपर-नीचे के इलाकों को बड़ा। इसे Gif से समझिए.
इस कमी के कारण अफ्रीका और ग्रीनलैंड पुराने मैप में लगभग बराबर दिखते हैं, जबकि अफ्रीका का क्षेत्रफल ग्रीनलैंड से 14 गुना ज्यादा है। इसी तरह रूस भी छोटा होने के बावजूद अफ्रीका से बड़ा दिखता है।.
दुनिया का ऐसा नक्शा 1569 में यूरोपियन मैप मेकर जेरार्डस मर्केटर ने बनाया था। तब इसे जहाजों के नेविगेशन के लिए बनाया गया था।.
इसे पहली बार 2018 में पेश किया गया। फरवरी 2026 में अफ्रीकी संघ ने 'इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन' को अपनाया। सदस्य देशों से स्कूली पाठ्यक्रमों में इसे शामिल करने की अपील की।.
इसके बाद 4 सितंबर को अफ्रीकी देश टोगो के विदेश मंत्री रॉबर्ट डुसे ने 'करेक्ट द मैप' यानी 'मैप सही करो' प्रस्ताव UN में पेश किया। इसमें 'इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन' मैप या देशों के क्षेत्रफल के हिसाब से बने किसी और मैप के इस्तेमाल की अपील की गई।.
सवाल-2: संयुक्त राष्ट्र में इस मैप के समर्थन-विरोध में कौन था? जवाबः भारत और पाकिस्तान समेत 164 देशों ने नए मैप के प्रस्ताव का समर्थन किया। अमेरिका इसके खिलाफ वोट करने वाला इकलौता देश रहा। यूक्रेन, सर्बिया, जॉर्जिया समेत 6 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। 4 सितंबर को ये प्रस्ताव पारित हो गया।.
गौर करें- UN ने अपने प्रस्ताव में मर्केटर मैप को बैन नहीं किया है। जबकि ऐसे नक्शों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने को कहा है, जिनमें देशों को उनके असल क्षेत्रफल के हिसाब से बड़ा या छोटा दिखाया गया है।.
सवाल-3: भारत ने समर्थन में वोट किया, फिर अब ऐतराज क्यों जता रहा है? जवाबः UN में प्रस्ताव पारित होने के बाद इक्वल अर्थ की वेबसाइट का एक नक्शा चर्चा में आ गया। इसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है।.
पाकिस्तान भी विवाद में कूद पड़ा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ने 7 सितंबर को बयान दिया, 'जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के दावे बेबुनियाद हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर को विवादित भूमि माना जाता है। भारत की एकतरफा कार्रवाइयां और गैर-कानूनी कब्जा इसे बदल नहीं सकता।'.
पाकिस्तान का कहना है कि जम्मू-कश्मीर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सबसे पुराने अनसुलझे मामलों में से एक है। इसका निपटारा भी UNSC और कश्मीर की आवाम के प्लेबिसाइट, यानी जनमत संग्रह से होगा।.
जवाब: अंग्रेजों से भारत की आजादी के लिए 18 जुलाई 1947 को इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट पारित हुआ। इसने देश को 2 डोमिनियन में बांटा- भारत और पाकिस्तान। इसी के साथ 'कश्मीर विवाद' शुरू हो गया.
करीब 5, 000 कबायलियों ने भारत पर हमला बोला था। इनकी हथियार और ट्रेनिंग पाकिस्तान से मिले थे।.
फिर 1962 की जंग में चीन ने भारत के अक्साई चिन पर कब्जा कर लिया। 1963 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की शक्सगाम घाटी भी चीन को दे दी। फिलहाल जम्मू-कश्मीर के 7 हिस्से हैं.
डिसक्लेमर: भारतीय संविधान के अनुसार PoK समेत संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। दैनिक भास्कर इस संवैधानिक स्थिति का पूर्ण समर्थन करता है। स्टोरी में 'आजाद जम्मू-कश्मीर', 'गिलगित-बाल्टिस्तान' आदि नामों का रिपोर्टिंग के लिए इस्तेमाल किया है।.
1971 की जंग के बाद शिमला समझौते में तय हुआ कि भारत-पाकिस्तान अपने विवाद शांतिपूर्ण तरीके से और बिना तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के सुलझाएंगे। भारत का अभी भी यही रुख है कि कश्मीर का मामला द्विपक्षीय है और इसमें UN या किसी देश की दखलअंदाजी नहीं होनी चाहिए।.
आसिम मुनीर ने आटा-चावल मांग रहे लोगों पर AK-47 चलवाई: पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर की कहानी, जहां अलग पीएम, राष्ट्रपति और झंडा.
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Taken together, the developments around आज का एक्सप्लेनर: दुनिया के नए नक्शे के लिए भारत ने वोट point to a situation that is still moving, and the coming days should bring more clarity.



