आज का एक्सप्लेनर स्वतंत्र भारद्वाज पकड़ा गया, कहा था- ‘हमने सिर फाड़ा, फिर भी थाने नहीं गए’; आगे क्या होगा, पूरी कहानी जानिए4:12Play video
4 घंटे पहलेलेखक: शिवेंद्र गौरव. कॉपी लिंक.
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Key points
- सवाल-1: कौन है स्वतंत्र और अभी चर्चा में क्यों है?
- सवाल-2: आखिर CJP प्रोटेस्ट के दौरान स्वतंत्र ने किया क्या था?
- सवाल-3: दिल्ली पुलिस का इस मामले में क्या रुख है?
जवाब: 21 साल का स्वतंत्र भारद्वाज पटना के कंकरबाग का रहने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वतंत्र UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली आया था। उसने 2022 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। बाद में सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों से जुड़े प्रदर्शनों में शामिल होने लगा।.
स्वतंत्र सोशल मीडिया पर अक्सर विवादित और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े वीडियो डालता है। आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात भी करता है। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 1.8 लाख फॉलोअर्स हैं। खुद को बीजेपी का समर्थक बताता है। बायो में लिखा है- 'स्वतंत्र सनातनी योद्धा।'.
2 अगस्त को एक यूट्यूब चैनल पर स्वतंत्र का करीब 1 घंटे का पॉडकास्ट रिलीज हुआ। इसमें उसने बेहद विवादित भाषा में खास तौर पर मुस्लिम, आरक्षण और कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर कई बयान दिए।.
स्वतंत्र ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट के दौरान की घटना का जिक्र करते हुए खुद ही दावा किया कि उस पर हत्या की कोशिश का मामला चलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।.
स्वतंत्र कहता है, 'निशु के बाप का हम सिर फाड़े। इसमें हाफ मर्डर की धारा 307 लगती है। सर पर 60 टांका लगा हुआ था, बंदा मरने की स्थिति में एम्बुलेंस में जा रहा था। उसकी बेटी थाने के बाहर कह रही थी कि अगर मेरे पिता को इंसाफ नहीं मिला, तो हम जहर खाकर जान दे देंगे। स्वतंत्र अगले दिन बाहर। पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि हम जेल भी नहीं गए, रात भर घूम रहे थे।'.
जवाब: इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, 23 जून की शाम करीब 5: 30 बजे जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल एक स्टूडेंट निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला हुआ।.
गाजियाबाद में रहने वाले 38 साल के संजय ने बताया कि मैं फोन से प्रोटेस्ट की रिकॉर्डिंग कर रहा था। तभी एक लड़का बहस करने लगा। मैंने कहा कि मैं उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर रहा। बहस बढ़ी, तो 2-3 लोग और पहुंचे। उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। सिर पर कई घूंसे मारे। लोहे के कड़े जैसी किसी चीज से हमला किया।.
इसके बाद पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथी सूरज कुमार को गिरफ्तार करके ले गई। जबकि संजय को दिल्ली के RML हॉस्पिटल ले जाया गया और मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि उनके सिर पर दो गहरे घाव हैं।.
हालांकि निशु ने 24 जून को अपने ट्विटर अकाउंट से दो वीडियो पोस्ट किए थे। एक में वो रोते हुए बता रही हैं कि थोड़ी देर पहले कुछ लोगों ने उनके पिता पर हमला किया है।.
3 सितंबर को CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया, 'संजय की खोपड़ी बुरी तरह फटी थी। हत्या की कोशिश का मामला बनता, लेकिन दिल्ली के DCP सचिन शर्मा और ACP अजय शर्मा ने FIR में इसकी धारा जोड़ने से इनकार कर दिया, क्योंकि इससे स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करना पड़ता। हमसे कहा गया- जाओ कोर्ट से ऑर्डर लेकर आओ।'.
निशु ने आरोप लगाया, 'घटना के तुरंत बाद FIR दर्ज करवाई, लेकिन डेढ़ महीने से पुलिस कुछ नहीं कर रही। हमें मेडिकल के नाम पर घुमा रही है।'.
जवाब: पुलिस ने इस मामले में BNS की 3 धाराओं में FIR दर्ज की थी- 115 (2), यानी सामान्य मारपीट; 126(2), यानी जबरन रोकना और 3(5), यानी एक से ज्यादा लोगों का एक साथ किसी अपराध के लिए एकजुट होना।.
3 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने कहा, 'एक आरोपी के कड़े से संजय के सिर में चोट आई, न कि किसी धारदार हथियार से। RML हॉस्पिटल की मेडिकल जांच से सामने आया कि चोट सामान्य थी। खोपड़ी में फ्रैक्चर का दावा गलत है। सूरज और स्वतंत्र के खिलाफ FIR दर्ज करके पूछताछ की गई। उन्हें नोटिस जारी किए गए। जल्दी ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होगी।'.
मामला बढ़ने पर स्वतंत्र के तेवर नरम पड़ गए। उसने उल्टा आरोप लगाया, ' मैंने हमला नहीं, सेल्फ-डिफेंस किया। मेरी हत्या हो सकती थी। मेरा वीडियो बनाया जा रहा था। मैंने कैमरा नीचे किया, तो 10-15 लोगों ने मुझे नीचे गिरा दिया और मारने लगे। मेरे पास वीडियो सबूत है। मैंने खुद को बचाने के लिए हाथ चलाया, तो गलती से मेरा कड़ा उसके सिर पर लग गया। दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं। मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। जान से मारने की धमकी मिल रही है।'.
इस बीच संजय आजाद का भी एक वीडियो वायरल है। इसमें वो चुनौती देने के लहजे में कह रहे हैं, 'जब चाहे अकेले मिल लो, अगर 2 मिनट और पुलिस न आई होती, तो उनकी दशा देखने वाली थी।'.
इधर स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP और कई विपक्षी नेताओं ने धरना दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र को गिरफ्तार कर लिया और 2 अहम बातें कहीं- जांच के दौरान पॉडकास्ट में स्वतंत्र के बयान को ध्यान में रखा जाएगा। FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएंगी।.
जवाब: सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, 'सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों के मुताबिक SC/ST एक्ट लगाने पर पुलिस को कोर्ट में ये साबित करना होगा कि अपराध इसलिए हुआ, क्योंकि पीड़ित SC या ST समुदाय से है। अगर आरोपी को पहले से पीड़ित की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी, तो ये मामला कोर्ट में टिकना मुश्किल है।'.
In short, आज का एक्सप्लेनर स्वतंत्र भारद्वाज पकड़ा गया, कहा था- 'हमने सिर फाड़ा, is the central thread here, and readers can expect follow-up reporting as the picture becomes clearer.




