आज का एक्सप्लेनर: CJP के सारे नेता हिरासत में, क्या दब जाएगा प्रोटेस्ट; आखिर इतनी सख्ती के पीछे असली वजह क्या है3:51Play video
Sun, Oct 11, 2026Updated 05: 54 AM IST.
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- 11 घंटे पहलेलेखक: शिवेंद्र गौरव. कॉपी लिंक.
- सवाल-1: CJP प्रोटेस्ट के मद्देनजर कैसे छावनी बनी दिल्ली? जवाबः.
- 3. सरकार को दबाव में लाने के लिए प्रोटेस्ट का ट्रेंड शुरू हो सकता है.
- CJP पर ज्यादा फोकस से कांग्रेस का महत्व कम करने की कोशिश.
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आज का एक्सप्लेनर: CJP के सारे नेता हिरासत में, क्या दब जाएगा प्रोटेस्ट; आखिर इतनी सख्ती के पीछे असली वजह क्या है.
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी का प्रोटेस्ट होना था। 9 अक्टूबर से ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को छावनी बना दिया। दिल्ली आने वाली ट्रेनें, मेट्रो स्टेशन और बॉर्डर के सड़क रूट बंद किए।.
10 अक्टूबर को सुबह होते ही प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाने लगा। 11 बजे तक कॉकरोच पार्टी की पूरी लीडरशिप- फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हवाई जहाज से ही हिरासत में ले लिया गया।.
9 अक्टूबर को मेट्रो और ट्रेनें बंद करने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'सावधानी बरतना गलत नहीं है, लेकिन ये तय करें कि इससे सबकुछ ठप न हो जाए। पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।'.
CJI ने आगे कहा, 'आपको कुछ चीजों को रोकना होगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें।'.
सवाल-2: आखिर 'मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल' क्यों कर रही सरकार? जवाबः जानकार इसकी 3 वजहें बताते हैं.
1. पिछली गलती नहीं दोहराना चाहती सरकार.
जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते करीब 1000 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पकड़कर हिरासत में भेजा है।.
4. CJP पर ज्यादा फोकस से कांग्रेस का महत्व कम करने की कोशिश.
सवाल-3: CJP की पूरी लीडरशिप हिरासत में, क्या प्रदर्शन दब जाएगा? जवाब: दिल्ली पुलिस की सख्ती की वजह से शाम 5 बजे तक CJP के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए। CJP की लीडरशिप और सैकड़ों समर्थकों को हिरासत में लिए गए। आंदोलन में शामिल होने जा रहे तीन पूर्व सीएम- ममता बनर्जी, माणिक सरकार, पी. विजयन भी हिरासत में हैं।.
रशीद किदवई कहते हैं कि पिछले आंदोलन और इसमें अंतर है। NEET का मुद्दा सीधे छात्रों से जुड़ा था, जबकि SIR राजनीतिक मुद्दा है। भले ही ये आम लोगों से जुड़ा है, लेकिन ये देखना होगा कि क्या आम लोग इससे जुड़ेंगे या नहीं। त्योहारों का भी माहौल है। आम लोग जुड़े, तो आंदोलन को दबाना मुश्किल हो सकता है। ये भी नहीं कहा जा सकता कि CJP के लीडर्स को हिरासत में लेने से प्रोटेस्ट खत्म हो जाएगा, क्योंकि सरकार प्रदर्शनकारियों को अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में नहीं रख सकती।' CJP का कहना है कि अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद आंदोलन को अजिंक्य शिंदे लीड करेंगे।.
जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी, टॉप लीडर हिरासत में: 3500 समर्थक पकड़े गए, 38 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, दिल्ली सील; 7 पॉइंट्स में रोकने की रणनीति.
दिल्ली पुलिस की सख्ती की वजह से शाम 5 बजे तक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने सीजेपी की लीडरशिप अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह ही एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया। पूरी खबर पढ़ें.
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For now, आज का एक्सप्लेनर: CJP के सारे नेता हिरासत में, क्या दब जाएगा remains the part of the story worth watching, and further updates are likely as more details are confirmed.


