जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी: हो सकते हैं गंभीर हेल्थ रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वाटर टैंक क्लीनिंग का सही तरीका1:23Play video

जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी: हो सकते हैं गंभीर हेल्थ रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वाटर टैंक क्लीनिंग का सही तरीका.

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जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी: हो सकते हैं गंभीर हेल्थ रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वाटर टैंक क्लीनिंग का सही तरीका1:23Play video

जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी: हो सकते हैं गंभीर हेल्थ रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वाटर टैंक क्लीनिंग का सही तरीका.

Article outline

  1. What happened
  2. The details
  3. The key numbers
  4. The bottom line

Key points

  • सेडिमेंट (प्री) फिल्टर: हर 3-6 महीने में।. कार्बन फिल्टर: हर 6-12 महीने में।.
  • सवाल- क्या RO का पानी हमेशा 100% सुरक्षित होता है?
  • पोस्ट-कार्बन फिल्टर: हर 12 महीने में।.

वही वाटर सप्लाई हमारे घरों में होती है। पानी की टंकी में, अंडर वाटर टैंक में वही पानी इकट्‌ठा होता है। ऐसे में अगर वाटर टैंक की नियमित सफाई न हो या RO के फिल्टर समय पर बदले न जाएं तो वो दूषित पानी हमारे शरीर में पहुंच सकता है। इसे पीने से डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है।.

जवाब- आमतौर पर घर की पानी की टंकी हर 3-6 महीने में साफ करानी चाहिए। अगर पानी में स्मेल, रंग या गंदगी नजर आए तो तुरंत सफाई करवाना बेहतर है।.

पोस्ट-कार्बन फिल्टर: हर 12 महीने में।. RO मेम्ब्रेन: हर 1-2 साल में।.

ध्यान दें, पानी में TDS का लेवल ज्यादा हो तो फिल्टर जल्दी बदलने पड़ सकते हैं। पानी का स्वाद, स्मेल या फ्लो बदलने लगे तो फिल्टर चेक कराना चाहिए।.

For now, जरूरत की खबर- बारिश में दूषित हो सकता है पानी: हो सकते remains the part of the story worth watching, and further updates are likely as more details are confirmed.

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