ट्रम्प ने 100% टैरिफ वाले कानून को दी मंजूरी: रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा; भारत के लिए मुश्किल बढ़ी0:47Play video
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब भारत पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रम्प ने इस बिल पर साइन कर दिया है और यह कानून बन चुका है।.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब भारत पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रम्प ने इस बिल पर साइन कर दिया है और यह कानून बन चुका है।.
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- बीते 2 साल में भारत का रूस से तेल आयात.
- रूस के अलावा भारत के लिए 9 विकल्प.
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास किया था। पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े थे। सीनेट अगस्त में इसे 86-11 वोट से पास कर चुकी है।.
इसे आधिकारिक तौर पर लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 नाम दिया गया है। रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशों की अमेरिकी लिस्ट में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं। भारत अपनी जरूरत का 40% से ज्यादा क्रूड ऑयल रूस से खरीद रहा है।.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में इस लिस्ट का आकलन करेंगे। अमेरिका की तरफ से 100% टैरिफ पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि देश के हितों से समझौता नहीं करेंगे।.
यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना तेजी से बढ़ाया। 2022-23 में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया। युद्ध से पहले भारत रूस से बहुत कम तेल खरीदता था, लेकिन बाद में यह बढ़कर रोजाना करीब 16 से 20 लाख बैरल तक पहुंच गया।.
अब भारत अपनी जरूरत के 40% से ज्यादा कच्चे तेल का आयात रूस से कर रहा है। इससे भारत रूस से तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल हो गया है।.
बिल का नाम 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' है। इस बिल में रूस के तेल और रक्षा से जुड़े कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।.
बिल के कानून बनने के बाद 1996 का 'ईरान प्रतिबंध कानून' भी 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है, जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था।.
इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिलेगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा।.
रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है।.
सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं।.
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