फिजिकल हेल्थ- 14 करोड़ लोगों की किडनी खराब: सरकार की सिफारिश- साल में दो बार कराएं KFT, डॉक्टर से जानें हर जरूरी सवाल का जवाब1:26Play video
Mon, Sep 28, 2026Updated 05: 57 AM IST.
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फिजिकल हेल्थ- 14 करोड़ लोगों की किडनी खराब: सरकार की सिफारिश- साल में दो बार कराएं KFT, डॉक्टर से जानें हर जरूरी सवाल का जवाब.
1 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल. कॉपी लिंक.
पिछले दिनों स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) को लेकर एक सिफारिश की। इसमें 20 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को हर 6 महीने में KFT कराने की बात कही गई है। यह सुझाव नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NP-NCD) के तहत दिया गया है।.
यह सिफारिश ऐसे समय में आई है, जब देश में किडनी डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' में पब्लिश एक ग्लोबल स्टडी के मुताबिक, भारत में हार्ट डिजीज के बाद क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है।.
इसलिए आज 'फिजिकल हेल्थ' में KFT यानी किडनी फंक्शन टेस्ट के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि.
जवाब- हां, आंकड़ों से इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हेल्थ जर्नल 'द लैंसेट' के मुताबिक, साल 2023 में भारत में लगभग 13.8 करोड़ लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे।.
वहीं संसदीय समिति के अनुसार, हर साल करीब 2 लाख नए मरीज किडनी डिजीज की आखिरी स्टेज तक पहुंचते हैं, जब डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह जाता।.
जवाब- इस टेस्ट से किडनी की कार्यक्षमता का आकलन किया जाता है। इसके लिए ब्लड और यूरिन के सैंपल लिए जाते हैं। इसमें सीरम क्रिएटिनिन, एस्टीमेटेड ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (eGFR) और यूरिन में प्रोटीन व एल्ब्यूमिन जैसी जांचें की जाती हैं।.
जवाब- कुछ लोगों में CKD का रिस्क ज्यादा होता है, इसलिए उन्हें डॉक्टर की सलाह से हर 6 महीने में किडनी स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। ग्राफिक में देखिए.
In short, फिजिकल हेल्थ- 14 करोड़ लोगों की किडनी खराब: सरकार की सिफारिश- साल is the central thread here, and readers can expect follow-up reporting as the picture becomes clearer.




