स्पाई फाइल्सपाकिस्तान जाकर ISI एजेंट को 9 गोलियां मारीं: जासूस लड़की, 10 हजार डॉलर और शुरू हो गया खूनी मिशन, कैसे तबाह हुआ खालिस्तानी नेटवर्क; पार्ट-13:59Play video
पाकिस्तान जाकर ISI एजेंट को 9 गोलियां मारीं: जासूस लड़की, 10 हजार डॉलर और शुरू हो गया खूनी मिशन, कैसे तबाह हुआ खालिस्तानी नेटवर्क; पार्ट-1.
पाकिस्तान जाकर ISI एजेंट को 9 गोलियां मारीं: जासूस लड़की, 10 हजार डॉलर और शुरू हो गया खूनी मिशन, कैसे तबाह हुआ खालिस्तानी नेटवर्क; पार्ट-1.
Article outline
- What happened
- The details
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- The bottom line
Key points
- 2 घंटे पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र. कॉपी लिंक.
- लाहौर में हमलावरों ने एक शख्स को 9 गोलियां मारी थीं।.
- इंदिरा को गोली मारते हुए बेअंत और सतवंत। AI इमेज.
बात है जून 1987 की। उस दिन लाहौर में चमड़ी झुलसा देने वाली तेज धूप थी। घड़ी में दोपहर के 12 बज रहे थे। शहर के बीचों-बीच मेन रोड पर एक टैक्सी आकर रुकी। ओवरकोट पहने 40-45 साल का एक शख्स बाहर निकला।.
तभी दूसरे हमलावर ने भी पिस्टल निकालकर गिरे हुए शख्स को एक के बाद एक 8 गोलियां मारीं। खबर फैलते ही लाहौर में हड़कंप मच गया।.
31 अक्टूबर 1984 की सुबह। दिल्ली में सर्दियां पड़ने लगी थीं, लेकिन सियासी गलियारों का पारा चढ़ा हुआ था। एक महीने के भीतर लोकसभा चुनाव होने थे।.
हर दिन की तरह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सुबह 6 बजे उठ गईं। नाश्ते की मेज पर दो टोस्ट, संतरे का जूस और अंडे थे। नाश्ता खत्म कर वे अखबार पढ़ने लगीं।.
8 बजे उनके निजी सचिव आरके धवन 1, सफदरजंग रोड पहुंचे। उन्होंने इंदिरा को खबर दी- 'मैडम, इंटरव्यू का वक्त 9.20 कर दिया गया है।.
सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर हाथ से बुनी हल्के नारंगी रंग की साड़ी पहने इंदिरा आवास से बाहर निकलीं। उन्हें 1, अकबर रोड पर अपने दफ्तर जाना था, जहां बीबीसी की टीम उनका इंतजार कर रही थी।.
आवास से दफ्तर का फासला महज 50 मीटर का था। कैंपस के भीतर से ही पैदल रास्ता बना था। इंदिरा धीरे-धीरे चल रही थीं।.
इंदिरा जैसे ही झुकीं, बेअंत ने अपनी.38 बोर की रिवॉल्वर इंदिरा पर तान दी। इंदिरा के मुंह से निकला- 'तुम ये क्या कर रहे हो बेअंत?'
बेअंत का साथी सतवंत वहीं खड़ा रहा। इंदिरा को गोली लगते ही वह घबरा गया। बेअंत चिल्लाया- 'गोली मारो!' सतवंत ने अपनी स्टेनगन से धड़ाधड़ 25 गोलियां इंदिरा के शरीर में उतार दीं।.
सुबह 9.32 बजे कार एम्स के दरवाजे पर रुकी। जूनियर डॉक्टरों ने जब मरीज को देखा, तो वहां अफरातफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में सीनियर डॉक्टरों की टीम पहुंच गई।.
इधर, दिल्ली के लोधी रोड पर RAW के दफ्तर में फोन एक के बाद एक बजने लगे। खबर आ चुकी थी कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गोली मार दी गई है।.
दफ्तर में मौजूद जॉइंट सेक्रेटरी जीबीएस सिद्धू खबर सुनते ही सन्न रह गए। उनका दिमाग तुरंत 10 दिन पुरानी एक घटना पर चला गया।.
वह 21 अक्टूबर का दिन था, संडे। दोपहर के करीब 1 बज रहे थे। सिद्धू पत्नी और दो बच्चों के साथ कार से जिमखाना क्लब से गुजर रहे थे। सफदरजंग चौराहे के पास अचानक उनकी नजर प्रधानमंत्री आवास के बाहरी गेट पर गई।.
वहां दो युवा पुलिसवाले खड़े थे। दोनों के हाथों में स्टेन गन थी। उनमें से एक 25 साल का गठीला सिख था, जिसकी लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच थी और दाढ़ी करीने से सेट की हुई।.
For now, स्पाई फाइल्सपाकिस्तान जाकर ISI एजेंट को 9 गोलियां मारीं: जासूस लड़की, 10 remains the part of the story worth watching, and further updates are likely as more details are confirmed.



