ISRO ने GSLV-रॉकेट से इमेजिंग सैटेलाइट को स्पेस में भेजा: 36 हजार km ऊपर से पाकिस्तान-चीन पर नजर रखेगा; आपदा में भी मदद करेगा1:09Play video
ISRO ने GSLV-रॉकेट से इमेजिंग सैटेलाइट को स्पेस में भेजा: 36 हजार km ऊपर से पाकिस्तान-चीन पर नजर रखेगा; आपदा में भी मदद करेगा. श्रीहरिकोटा2 घंटे पहले. कॉपी लिंक.
ISRO ने GSLV-रॉकेट से इमेजिंग सैटेलाइट को स्पेस में भेजा: 36 हजार km ऊपर से पाकिस्तान-चीन पर नजर रखेगा; आपदा में भी मदद करेगा. श्रीहरिकोटा2 घंटे पहले. कॉपी लिंक.
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Key points
- अगस्त 2021 में इसरो ने जीएसएलवी-एफ10 से जीआईएसएटी-1 लॉन्च करने की कोशिश की थी।.
- गगनयान मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों ने ISRO छोड़ा, 10 महीने में 100 इस्तीफे.
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- सैटेलाइट EOS-05 को GSLV-F17 रॉकेट से लॉन्च किया गया।.
- 2021 में GISAT-1 मिशन हुआ था फेल.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार की देर रात रात 2: 55 बजे भारत के पहले EOS-05 इमेजिंग सैटेलाइट का सफल लॉन्च किया। इसे श्रीहरिकोटा से GSLV-F17 रॉकेट से स्पेस में भेजा गया।.
उड़ान भरने के करीब 18 मिनट बाद इसे ऑर्बिट में स्थापित किया गया। यह मिशन GIST-1 की विफलता के करीब पांच साल बाद हुआ।.
EOS-05 सैटेलाइट का वजन करीब 2, 367kg है। यह 36 हजार किलोमीटर ऊपर रहकर भारत के बड़े हिस्से की तस्वीरें लेगा। पाकिस्तान-चीन की बॉर्डर समेत कई इलाकों पर नजर रख सकेगा। साथ ही आपदा में भी मदद करेगा।.
ISRO ने करीब आठ महीने बाद कोई मिशन लॉन्च किया। इससे पहले जनवरी 2026 और मार्च 2025 में ISRO के दो लॉन्च नाकाम रहे थे।.
GSLV-F17 श्रीहरिकोटा के लॉन्चपैड तक ले जाया गया।.
GSLV-F17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल कार्यक्रम की 19वीं उड़ान थी। इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के सेकेंड लॉन्च पैड से उड़ाया गया।.
रॉकेट EOS-05 को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट यानी सब-जीटीओ में पहुंचाएगा। इस मिशन में चार मीटर व्यास वाला ओजीव कंपोजिट पेलोड फेयरिंग इस्तेमाल होगा।. 2021 में GISAT-1 मिशन हुआ था फेल.
जीआईएसएटी-1 को जियोस्टेशनरी ऑर्बिट से भारतीय उपमहाद्वीप की करीब-करीब रियल टाइम इमेजिंग के लिए तैयार किया गया था।.
ISRO के पिछले 2 लॉन्च फेल हुए.
PSLV-C62- 12 जनवरी 2026 को यह रॉकेट रक्षा DRDO के 'अन्वेषा' उपग्रह और 15 अन्य सह-यात्री उपग्रहों को ले जा रहा था, लेकिन तीसरे चरण में अनियंत्रित होने के कारण मिशन फेल हो गया।.
PSLV-C61- 18 मई 2025 को इस मिशन का उद्देश्य अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-09 को कक्षा में स्थापित करना था, लेकिन तीसरे चरण में कंबशन चैंबर प्रेशर अचानक गिरने से मिशन असफल रहा।.
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C62 12 जनवरी को 10.18 बजे लॉन्च हुआ था।. ये खबर भी पढ़ें.
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) से पिछले 10 महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों ने या तो इस्तीफा दे दिया है या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। नौकरी छोड़ने वाले वैज्ञानिकों में गगनयान और दूसरे अहम मिशनों से जुड़े वैज्ञानिक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें.
वीडियोऔर देखें. Our Divisions This website follows the DNPA Code of Ethics. फीडबैक दें. Our Group Site Links.
In short, ISRO ने GSLV-रॉकेट से इमेजिंग सैटेलाइट को स्पेस में भेजा: 36 हजार is the central thread here, and readers can expect follow-up reporting as the picture becomes clearer.



