स्पाई फाइल्सनंदा देवी पर्वत पर गायब हो गया खतरनाक परमाणु उपकरण: अमेरिका को शक- भारत ने चोरी कर ली, आज भी लाखों लोगों की जान खतरे में; पार्ट-24:04Play video
नंदा देवी पर्वत पर गायब हो गया खतरनाक परमाणु उपकरण: अमेरिका को शक- भारत ने चोरी कर ली, आज भी लाखों लोगों की जान खतरे में; पार्ट-2.
नंदा देवी पर्वत पर गायब हो गया खतरनाक परमाणु उपकरण: अमेरिका को शक- भारत ने चोरी कर ली, आज भी लाखों लोगों की जान खतरे में; पार्ट-2.
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Key points
- साल 1966, नंदा देवी बेस कैंप की तरफ चढ़ाई करते पर्वतारोही।.
- 32 मिनट पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र. कॉपी लिंक.
- नंदा देवी पर्वत पर जासूसी उपकरण की तलाश करते अफसर। AI इमेज.
दैनिक भास्कर की सीरीज 'स्पाई फाइल्स' में आप पढ़ रहे हैं- 'ऑपरेशन हैट'। पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 1965 में भारत और अमेरिका ने चीन की जासूसी के लिए एक परमाणु उपकरण तैयार किया था। योजना थी इसे 25 हजार फीट ऊंचे नंदा देवी पर्वत पर लगाने की। जैसे ही टीम 23 हज.
बात है 1 मई 1966 की। दिल्ली में भारत की खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो का एक सेफ हाउस। बाहर एक बस आकर रुकी। उसमें राशन भरा हुआ था। जल्दी से 11 लोग सवार हुए और बस चल पड़ी।.
अब बस और ट्रक, दोनों ने रफ्तार पकड़ ली। 2 मई की शाम तक काफिला श्रीनगर पहुंच गया। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद, आगे का सफर शुरू हुआ। 3 मई की सुबह होते-होते टीम जोशीमठ पहुंच गई।.
अगला पड़ाव था- 14 हजार फीट ऊंचा नंदा देवी बेस कैंप। जोशीमठ से 90 किलोमीटर का सफर। यहां से पैदल ही पहाड़ चढ़कर जाना था। बर्फीली हवाओं को चीरते हुए टीम धीरे-धीरे ऊपर चढ़ने लगी।.
इसी दौरान, चीन ने फिर से झटका दिया। 14 मई को उसने दूसरा परमाणु परीक्षण कर डाला। खबर मिलते ही प्रधानमंत्री दफ्तर से लेकर खुफिया विंग तक हलचल मच गई। अफसरों के चेहरों पर झुंझलाहट साफ झलक रही थी।.
जैसे-तैसे 15 मई को टीम नंदा देवी बेस कैंप पहुंच गई। अगले 10 दिन मीटिंग और रणनीतियां बनाने में गुजर गए। फैसला हुआ- कैंप-4 पर सिर्फ 4 भारतीय पर्वतारोही जाएंगे, साथ में कुछ शेरपा और कुली होंगे। कोई अमेरिकी ऊपर नहीं जाएगा।.
कैंप-4 पर ही पिछले साल टीम उपकरण छोड़ आई थी। बेस कैंप से वह जगह करीब 10 हजार फीट ऊंची थी।.
25 मई की सुबह टीम कैंप-4 के लिए चल पड़ी। बर्फीली हवाएं टीम का रास्ता रोक रही थीं। हर दिन टीम कुछ ऊपर चढ़ती, आराम करती और फिर आगे बढ़ती। इस तरह 6 दिन गुजर गए।.
1 जून को टीम जैसे ही कैंप-4 पहुंची, बर्फीला तूफान आ गया। जबरदस्त धुंध छा गई। कुछ भी दिखना बंद हो गया। एक गलत कदम और सीधे 2 हजार फीट नीचे गहरी खाई। सब कुछ ठप पड़ गया।.
'लगता है इसी में उपकरण दबा है.' अफसर ने बड़ी उम्मीद से केबल पकड़ा और उसे झटका दिया। वह तुरंत अलग खींच आया। उसका सिरा कट चुका था। तार के तीन टुकड़े और मिले, लेकिन कोई भी 4 फीट से लंबा नहीं था।.
3 जून को टीम फिर से उपकरण की खोज में ऊपर चढ़ने लगी। आखिरकार तीन पर्वतारोही कैंप-4 तक पहुंचे। फिर से खोजबीन शुरू हुई। हर दर्रे और मलबे को छान मारा, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।.
In short, स्पाई फाइल्सनंदा देवी पर्वत पर गायब हो गया खतरनाक परमाणु उपकरण: अमेरिका is the central thread here, and readers can expect follow-up reporting as the picture becomes clearer.


