SIR में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर: विवाद के बाद चुनाव आयोग का फैसला; अब तक 30 राज्य-UT में 13.37 करोड़ नाम कटे1:00Play video
Sun, Sep 27, 2026Updated 05: 55 AM IST.
Sun, Sep 27, 2026Updated 05: 55 AM IST.
Article outline
- What happened
- The details
- A closer look
- The bottom line
SIR में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर: विवाद के बाद चुनाव आयोग का फैसला; अब तक 30 राज्य-UT में 13.37 करोड़ नाम कटे. नई दिल्ली6 घंटे पहले. कॉपी लिंक.
शनिवार को नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय में SIR को लेकर बैठक हुई।.
SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 96.88 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, यानी करीब 14.1% वोटर्स के नाम SIR में काटे गए।.
चुनाव आयोग ने कहा कि SIR के दौरान Form 6 के साथ जोड़ी गई घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। Form 6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है।.
आयोग ने कहा कि SIR के अलावा सामान्य अवधि में Form 6 का वही प्रारूप इस्तेमाल होगा, जो रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत तय है।.
दिल्ली-महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक क्लेम कर सकेंगे.
बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में निपटारा 10 नवंबर तक करना होगा।.
गोवा में जिन वोटर्स का नाम छूट गया है, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेगा।.
SIR में अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या छूट गया है तो फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा किया जाता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 पर कोई विवाद है ही नहीं। फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।.
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति के बीच EC ने कैबिनेट सचिव को लेटर लिखा है।.
यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।.
कांग्रेस बोली- ज्ञानेश कुमार को पीएम बना देना चाहिए: पद्म भूषण उनके लिए छोटी चीज; बंगाल BJP अध्यक्ष ने कहा था- CEC सम्मान के हकदार.
वीडियोऔर देखें. Our Divisions This website follows the DNPA Code of Ethics. फीडबैक दें. Our Group Site Links.
For now, SIR में नाम कटा, तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अफसर: विवाद के remains the part of the story worth watching, and further updates are likely as more details are confirmed.




